दिल्ली: अशोक प्रधान गैंग के कुख्यात शार्प शूटर को हथियार सहित दबोचा, आरोपी के दोनों टांग में लगी गोली

0
1716

नईदिल्ली। रोहिणी उपायुक्त प्रणव तायल की कमांड में जेल-बेल से रिहा हुए कुख्यात मुजरिमो की आपराधिक गतिविधियों पर पुलिस लगातार सादे कपड़ों व गश्त दौरान खुफिया जानकारी जुटा रही थी। इसी क्रम दौरान कझांवला पुलिस को मिली गुप्त-सूचना में अशोक प्रधान गैंग का कुख्यात शार्प शूटर जो कई जघन्य-अपराधों फरार चल रहा है। वह अपने साथियों से मिलने कराला के हेलीपैड के पास आ रहा है। आला अधिकारियों को सूचित कर कंझावला एसएचओ जरनैल सिंह की अगुवाई में एसआई चेतन हेड कांस्टेबल विक्रम, सिपाही मनजीत सचिव हवा सिंह,जोगेंद्र,अमित की टीम को शातिर अपराधी की धरपकड़ के लिए लगाया गया। टीम ने तत्परता दिखाते हुए शुक्रवार बीती रात आठ बजे रोहिणी सेक्टर-37 कराला हेलीपैड के पास जाल बिछाया। रात सवा दस बजे के करीब बिना नंबर प्लेट एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को आते देखा गया। सूचना-धारक के इशारा करते ही जैसे टीम ने उसे चेकिंग के लिए रुकने का इशारा किया, तो भगोडे शातिर अपराधी ने मौके से भागने की फिराक में पुलिस पर तीन राउंड फायरिंग कर दी। पहले से जाल बिछाए बैठी पुलिस ने अपनी आत्मरक्षा के लिए छह (6) राउंड जवाबी फायरिंग की ताकि आरोपी को फायरिंग करने से रोककर, पुलिस टीम को गोली लगने से बचाया जा सके। शातिर मुजरिम और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में अपराधी की दोनों टांगों में गोली लगी। आरोपी के घायल होते ही पहले से जाल बिछाए बैठी पुलिस ने घेराव करके मुजरिम को दबोच लिया। मौके पर ली गई तलाशी दौरान आरोपी से एक पिस्तौल व चार जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल को जब्त कर शातिर भगोड़े मुजरिम को पुलिस हिरासत में ले लिया। रोहिणी डीसीपी प्रणव तायल अनुसार पकड़े गए आरोपी की पहचान गौरव उर्फ मोंटी (25) बवाना के गांव पूठ-खुर्द का निवासी है। यह अशोक प्रधान गैंग का डिप्टी-कमांडर था और दिल्ली में हो रहे लगातार फिरौती हत्या जैसे तेरह (13) जघन्य अपराधों में लिप्त था। ये बवाना थाने का माना हुआ घोषित अपराधी और हत्या-मामले में जेल-बेल से रिहा होने के बाद लंबे समय से फरार चल रहा था बवाना पुलिस द्वारा इस पर मकोका-एक्ट लगाया जा चुका है।
पुलिस कड़ी पूछताछ दौरान शातिर अपराधी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया उसके पिता एसएसएफ में हेड कांस्टेबल है। वह कम समय में ज्यादा पैसे कमाना चाहता था जिसके चलते वह शुरुआती दौर में राजेश बवानिया गैंग से जुडा था। उसके बाद अशोक प्रधान गैंग के साथ जुड़ गया । नीरज बवानिया गैंग का यह माना हुआ शार्प शूटर था इसने अपने साथियों के साथ मिलकर 7 अक्टूबर 2020 को हरियाणा झज्जर जिले के छोछी गांव में नीरज बवानिया के चचेरे भाई (मौसी के लडके) शक्ति की हत्या की थी। इस मामले में पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका था लेकिन यह शातिर अपराधी तब से फरार चल रहा था। अभी फिलहाल 26 जून 2021 को अशोक प्रधान के इशारे पर जिला रोहिणी कंझावला इलाके के कुतुबगढ़ गांव में देवेंद्र गांधी से पचास लाख की फिरौती योजना बनाते हुए अपना खौफ पैदा करने के लिए दुकान पर काम करने वाले विशाल की हत्या को अंजाम दिया था। जिसमें अभिषेक उर्फ शेखु (घोषित अपराधी) भी इस अपराध में शामिल था। कझांवला पुलिस इस हत्या केस में फरार चल रहे अपराधी की धरपकड के लिए काफी दिनों से शिद्दत से कार्रवाई करने में जुटी हुई थी। पुलिस आईपीसी व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर इस शातिर मुजरिम से आगे की गहन तफ्तीश के जरिए अन्य कुख्यात अपराधियों पर धरपकड़ बनाने की फिराक में लगी है। अभी दो दिन पहले अमन विहार पुलिस के साथ हेलीपैड रोड के पास पुलिस मुठभेड़ हुई थी। दोनों मुठभेड़ को देखकर लगता है बेगमपुर का हेलीपैड इलाका कुख्यात शार्प शूटरो की सक्रियता का केंद्र बिंदु बनता जा रहा है। इस तरह कंझावला पुलिस ने कुख्यात फरार मुजरिम को पकड़ एक साथ कई केस को सुलझाकर एक बड़ी कामयाबी को अंजाम दिया।
(रिपोर्ट-अनीता गुलेरिया)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here