नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामलाः योगी सरकार ने की CBI से जांच कराने की सिफारिश

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लखनऊ। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की आत्महत्या के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर गृह विभाग ने सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश की है। महंत सोमवार शाम श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के गेस्ट हाउस स्थित कमरे में नरेंद्र गिरि मृत पाए गए थे। रस्सी से बनाए गए फंदे से महंत का शव पंखे में लटक रहा था। राज्य सरकार के गृह विभाग के अनुसार, “प्रयागराज में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत गिरि जी की दु:खद मृत्यु से जुड़े प्रकरण की मुख्यमंत्री के आदेश पर सीबीआई से जांच कराने की संस्तुति की गई।” बुधवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के शव का पोस्टमार्टम पांच डॉक्टरों की टीम ने दो घंटे तक किया। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत होने की पुष्टि हुई है। यहां से शव को संगम में स्नान के बाद मठ ले जाया गया। इससे पहले बाघंबरी मठ से संगम के लिए निकली अंतिम यात्रा में संतों और भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। वहीं, देश के विभिन्न महामंडलेश्वर और 13 अखाड़ों के साधु संत प्रयागराज पहुंचे हैं। पार्थिव शरीर को समाधि दे दी गई।महंत की आत्महत्या के आरोपित शिष्यों योगगुरु आनंद गिरि और आद्या तिवारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में शाम छह बजे के आसपास नैनी सेंट्रल जेल में सीखचों के पीछे डाल दिया गया। पेशी जबर्दस्त गहमागहमी के बीच हुई। सीजेएम कोर्ट में इतनी भीड़ थी कि कुर्सी तक टूट गई। आद्या के बेटे संदीप को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्तराधिकारी का फैसला अभी नहीं हो सका है। इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को मठ बाघंबरी गद्दी में नरेंद्र गिरि का अंतिम दर्शन करने के बाद कहा था कि इस मामले की एडीजी और कमिश्नर समेत अन्य पुलिस अफसर जांच करेंगे। शाम को पुलिस अफसरों ने बैठक की। एडीजी के निर्देश पर डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने 18 सदस्यी एक एसआईटी का गठन कर दिया। सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह चौहान को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया है।

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